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लालबहादुर शास्त्री पुण्यतिथि: क्या अपनी मौत से पहले सुभाषचंद्र बोस से मिले थे 'शास्त्री' जी

Lal Bahadur Shastri Death Anniversary. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की आज पुण्य तिथि है। लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) का जीवन जितना बेदाग और सरल रहा है उनकी मौत उतनी ही विवादित (Lal Bahadur Shastri Death) है। कई लोगों का कहना है कि उनकी हत्या की गई थी तो कई लोगों का कहना है कि उनकी मौत में पाकिस्तान का हाथ था। कई लोग यह भी दावा करते आए हैं कि देश के ही लोगों ने उनकी हत्या कर दी थी। लाल बहादुर शास्त्री की मौत के बाद उनके परिवार से राजनीति में कोई नहीं आया। आज लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) के पुण्यतिथि के मौके पर हम आपको बता रहे हैं ...
Friday, January 11, 2019

Remembering Lal Bahadur Shastri: 11 Rare Photos You Must See

Arthur Bottomley, the Secretary of State for Commonwealth Relations, meets Jivraj Narayan Mehta, the Indian High Commissioner in London, and Lal Bahadur Shastri, the Prime Minister of India, at Marlborough House in London. (Image: Getty Images) ...
Friday, January 11, 2019

AAP pays tribute to Lal Bahadur Shastri on his death anniv

New Delhi, Jan 11 (UNI) The Aam Aadmi Party on Friday paid tribute to former Prime Minister Lal Bahadur Shastri on his 53rd death anniversary. Taking to micro-blogging site Twitter, AAP said, ''Indebted nation pays tribute to Mother India's 'Lal ...
Friday, January 11, 2019

Lal Bahadur Shastri: आज भी बरकरार है मौत का रहस्य, बेटे ने जताया था ये संदेह

'जय जवान जय किसान' का नारा देने वाले शास्त्री जी ने देश के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. वह एक प्रसिद्ध भारतीय राजनेता, महान स्वतंत्रता सेनानी और जवाहरलाल नेहरू के बाद भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे. वे एक ऐसी हस्ती थे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में देश को न सिर्फ सैन्य गौरव का तोहफा दिया, बल्कि हरित क्रांति और औद्योगीकरण की राह भी दिखाई. जीवन परिचय. लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर, 1904 को मुगलसराय, उत्तर प्रदेश में 'मुंशी शारदा प्रसाद श्रीवास्तव' के यहां हुआ था. उनके पिता प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे. अत: सब उन्हें 'मुंशी जी' ही कहते थे. परिवार में ...
Friday, January 11, 2019

पीएमओ के पास नहीं है लाल बहादुर शास्त्री की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, आरटीआई से हुआ खुलासा

काशी में पैदा हुए लाल बहादुर शास्त्री की मौत के रहस्य को जानने के लिए पीएमओ से आटीआई के जरिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मांगने वाले संतोष कुमार पाठक ने यह जानकारी एनबीटी के साथ साझा की है। उनका कहना है शास्त्री जी की मौत से पर्दा हटाने के लिए उन्होंने यह आरटीआई दाखिल किया था, लेकिन इस मामले में पीएमओ की ओर से मिली जानकारी के बाद उनके हाथ निराशा लगी है। गौरतलब है पाकिस्तान से 1965 के युद्द के बाद जब रूस के ताशकंद में दोनों देशों के प्रधानमंत्री समझौते के लिए पहुंचे, तब समझौते के बाद उसी रात को लाल बहादुर शास्त्री की मौत हो गई। जिस रात उनकी मौत हुई उस रात खाना खाने ...

Lal Bahadur Shastri Death Anniversary: कैसे हुई थी पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री की मौत? पढ़ें- आंखों देखा हाल

10 जनवरी 1966 की उस सुबह 'ताशकंद' में ठंडक कुछ ज्यादा ही थी. यूं भी कह सकते हैं कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल को ऐसी ठंडक झेलने की आदत नहीं थी, इसलिये उनकी दुश्वारी कुछ ज्यादा ही थी. मुलाकात का वक्त पहले से तय था. लाल बहादुर शास्त्री और अयूब खान तय वक्त पर मिले. बातचीत काफी लंबी चली और दोनों देशों के बीच शांति समझौता भी हो गया. ऐसे में दोनों मुल्कों के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिकारियों का खु़श होना लाजिमी था, लेकिन वह रात भारत पर भारी पड़ी. 10-11 जनवरी की दरम्यानी रात प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की संदिग्ध परिस्थितों में मौत हो गई.
Friday, January 11, 2019

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2018: लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2018, लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय: सादगी, अटूट देशभक्ति और ईमानदारी। यह परिचय है देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का। 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में मुंशी लाल बहादुर श्रीवास्तव का जन्म हुआ। मुंशी लाल बहादुर श्रीवास्तव अपने घर में सबसे छोटे थे लिहाजा घर वालों ने उन्हें नाम दिया 'नन्हे'। पिता की मौत के बाद नन्हे अपनी मां के साथ मिर्जापुर चले गए। मिर्जापुर में नन्हे अपने नाना के साथ रहने लगे। मिर्जापुर में ही नन्हे ने प्राथमिक शिक्षा हासिल की। जब लाल बहादुर श्रीवास्तव काशी विद्यापीठ से पढ़कर निकाले तो उन्हें ...
Monday, October 1, 2018

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2018: शास्‍त्री जी ने भीड़ पर काबू पाने को लाठी के बजाय चुना था 'वाटर कैनन' का विकल्‍प

कल दो अक्टूबर है। यानी कि गांधी जयंती। पर इस दिन एक और महानायक भी पैदा हुए थे। उनका नाम है- लाल बहादुर शास्त्री। शास्त्री दिखने में जितने सौम्य और शांत थे, उतने ही गंभीर व जिम्मेदार भी थे। यही कारण है कि आज भी युवा पीढ़ी उनका नाम बड़े सम्मान के साथ लेती है। ये वही शास्त्री हैं, जिन्होंने भीड़ नियंत्रित करने के लिए देश में पहली बार पानी का इस्तेमाल शुरू कराया था। उससे पहले तक पुलिसकर्मी लाठियों का प्रयोग करते थे। शास्त्री जी की जयंती पर आइए जानते हैं, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य। – शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को मुगलसराय में हुआ था। पर उन्हें लोग काशी के ...
Monday, October 1, 2018

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2018: पढ़ें लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय

साल 1920 में शास्त्री जी आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। शास्त्री जी गांधीवादी नेता थें उन्होंने सम्पूर्ण जीवन देश और गरीबों की सेवा में लगा दिया। जब लाल बहादुर शास्त्री ने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में हिस्सा लिया था तब वो थोड़े समय के लिए जेल चले गए थे। लेकिन जेल से निकलते ही उन्होंने तत्कालीन काशी विद्यापीठ से संस्कृत भाषा में स्नातक स्तर की परीक्षा पास की और शास्त्री के उपाधि से नवाजे गए। मरो नहीं मारो, जय जवान-जय किसान, जैसे नारे देने वाले शास्त्री जी ने भारत सेवक संघ में शामिल होकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। असहोयग आंदोलन, दांडी मार्च, ...
Monday, October 1, 2018

लाल बहादुर शास्त्री जयंतीः 1965 में पाक से युद्ध के दौरान छोड़ दिया था खाना, वेतन लेने से भी कर दिया था मना

भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता, क्रांतिकारी व्यक्तित्व और जन कल्याणी विचारों के लिए हमेशा याद किए जाते हैं। शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को आज के उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। वह अपने देश और देशवासियों के सम्मान और रक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार थे, जो कि उनके व्यक्तित्व को महान बनाता है। आपको बता दें कि इसी के चलते उन्होंने देश को मुसीबत से निकालने के लिए भोजन करना भी छोड़ दिया था और साथ ही वेतन लेने से भी मना कर दिया था। क्यों छोड़ दिया खाना... 1962 के युद्ध में भारत को बहुत नुकसान हुआ था। इसी का फायदा ...
Monday, October 1, 2018

जयंती विशेषः लाल बहादुर शास्त्री के बारे में ये बातें नहीं जानते होंगे आप

काशी के लाल और देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने अपने कार्यकाल में देश को कई संकटों से उबारा। वह अपनी साफ-सुथरी क्षवि के लिए जाने जाते थे। कम ही राजनेता ऐसे होते हैं, जिन्हें हर वर्ग का स्नेह और सम्मान मिलता है। शास्त्री जी अपने सादगीपूर्ण जीवन और नैतिकता के चलते ही वे देश के सर्वाधिक लोकप्रिय नेताओं में शुमार हुए। विज्ञापन. 2 अक्टूबर को शास्त्री जी की 114वीं जयंती है। उनका जन्म यूपी के चंदौली जिले के मुगलसराय में हुआ। परिवार में सबसे छोटा होने के कारण लोग प्यार से 'नन्हे' कहकर ही बुलाया करते थे। जब ये 18 महीने के हुए तब उनके पिता का निधन हो गया।
Monday, October 1, 2018

Why Shastri matters today

One such statesman is Lal Bahadur Shastri, who is remembered every year along with the Father of the Nation, Mahatma Gandhi, on October 2. Like millions of Indians, Shastri drew inspiration from the Mahatma and plunged into the freedom struggle when ...
Monday, October 1, 2018

Lal Bahadur Shastri Ji's Birth Anniversary: 'Jai Jawan, Jai Kisan' and Other ...

A lesser-known freedom fighter whose birthday also falls on October 2 is Lal Bahadur Shastri. Shastriji who was the second Prime Minister of India joined the Indian independence movement in the 1920s. Like Mahatma Gandhi, he was also a satyagrahi for a ...
Monday, October 1, 2018

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2018: …तो इस वजह से चुना था शास्‍त्री उपनाम, दहेज में मिला था चरखा

देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्‍त्री अपनी ईमानदार छवि के लिए देश ही नहीं दुनिया भर में मशहूर थे। शास्‍त्री जी का पूरा जीवनकाल सरलता और सादगी भरा रहा। वह व्‍यक्तिगत तौर पर ईमानदारी बरतने के साथ ही सरकारी कामकाज में भी इस सिद्धांत के न केवल प्रबल समर्थक थे, बल्कि सार्वजनिक जीवन में पूरी निष्‍ठा के साथ इसका पालन भी किया। लाल बहादुर शास्‍त्री के पिता का नाम शारदा श्रीवास्तव प्रसाद और माता का नाम रामदुलारी देवी था। उनका जन्‍म 2 अक्‍टूबर, 1901 में हुआ था। शास्‍त्री जी जातिवाद प्रथा के प्रबल विरोधी थे। काशी विद्यापीठ से 'शास्‍त्री' की उपाधि मिलते ही उन्‍होंने जन्‍म ...
Monday, October 1, 2018

लाल बहादुर शास्त्री: जानें आखिरी रात में क्या हुआ था

1965 में भारत ने पाकिस्तान को युद्ध में मात दी थी। इसके बाद साल 1966 में 10 जनवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच एक समझौता हुआ था जिसे ताशकंद समझौता कहा जाता है। यह समझौता तत्कालीन सोवियन रूस के ताशकंद नाम के शहर में हुई थी, इसीलिए उसे ताशकंद समझौता के नाम से जाना जाता है। इसी के बाद ही 10 और 11 जनवरी की बीच रात में लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु हो गई थी। दावा किया जाता है कि शास्त्री की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई लेकिन उनके डॉक्टर ने कहा था कि पूर्व पीएम को दिल की कभी कोई बीमारी नहीं रही थी। लाल बहादुर शास्त्री के साथ उनके सूचना अधिकारी रहे प्रसिद्ध ...

Lal Bahadur Shastri, Architect of India's Real Surgical Strike and Much, Much More

At a time when we are led by a prime minister with a 56” chest who believes in over-the-top self-publicity, our thought goes out to a diminutive and self-effacing man who once occupied the same office – India's second prime minister, Lal Bahadur ...
Monday, October 1, 2018

Nation pays tribute to former PM Lal Bahadur Shastri on his 114th birth ...

Former Prime Minister Lal Bahadur Shastri, who understood the significance of farmers and soldiers, shares his birth anniversary with the father of the nation Mahatma Gandhi. Drawing inspiration from Mahatma Gandhi, Shastri coined the term 'jai jawan ...
Monday, October 1, 2018

Narendra Modi pays tribute to Lal Bahadur Shastri on his 114th birth ...

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi paid tributes to former Prime Minister Lal Bahadur Shastri at Vijay Ghat on his 114th birth anniversary on Tuesday. In a tweet, Prime Minister Modi said, Lal Bahadur Shastri was the symbol of gentle personality ...
Monday, October 1, 2018

5 life lessons from Lal Bahadur Shastri

The life of India's second Prime Minister, Lal Bahadur Shastri, holds several lessons in honesty, integrity and simplicity for children and adults alike. Here are some facts and anecdotes from his life that exemplify the principles he lived by.
Monday, October 1, 2018